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उत्तराखंड में होमस्टे चलाना

उत्तराखंड ने होमस्टे को शुरू से गाँव के परिवारों की आमदनी का ज़रिया माना है। 2026 के नए नियम इसी सोच को और सख़्ती से लागू करते हैं।

ऋषिकेश
फ़ोटो : ऋषिकेश — Arpan Mahajan, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons

उत्तराखंड का होमस्टे ढाँचा लंबे समय से स्थानीय परिवारों को ध्यान में रखकर बना है: मालिक अपने घर में रहे, मेहमानों को पहाड़ी खाना और संस्कृति का अनुभव मिले, और पैसा गाँव में ही रहे। दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम स्टे) योजना के तहत राज्य होमस्टे बनाने वालों को आर्थिक सहायता भी देता रहा है। मई 2026 की रिपोर्टों के अनुसार राज्य ने उत्तराखंड पर्यटन और यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियम 2026 लागू किए, जो 2014-15 के पुराने नियमों की जगह लेते हैं।

नए नियमों का सार

पंजीकरण ज़िला पर्यटन विकास अधिकारी के माध्यम से या राज्य के ऑनलाइन होमस्टे पोर्टल पर होता है। नियम नए हैं, इसलिए आवेदन से पहले अपने ज़िले के पर्यटन कार्यालय से ताज़ा शर्तें और दस्तावेज़ों की सूची ज़रूर लें।

दिल्ली या मुंबई में रहने वाले मालिक के लिए इसका मतलब

अगर आप उत्तराखंड के स्थायी निवासी नहीं हैं, या घर में ख़ुद नहीं रहते, तो होमस्टे श्रेणी आपके लिए नहीं है। आपका रास्ता B&B या दूसरी पंजीकृत श्रेणी है, जिसकी शर्तें अलग हैं। यह फ़र्क़ बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म पर लिस्टिंग, बिजली-पानी की दरों और टैक्स पर असर डाल सकता है, इसलिए शुरुआत में ही स्पष्ट करें।

इलाक़े के हिसाब से तैयारी

ऋषिकेश और देहरादून की ओर गर्मी और उमस ज़्यादा है; वहाँ ठंडक, मच्छरों से बचाव और गंगा किनारे के इलाक़ों में बरसात का पानी बड़े सवाल हैं। योग और रिवर-राफ़्टिंग के लिए आने वाले मेहमान लंबे रुकते हैं।

मसूरी और नैनीताल में सप्ताहांत की भीड़, सीमित पार्किंग और सर्दियों की ठंड मुख्य चुनौतियाँ हैं। मॉल रोड या झील से दूरी और गाड़ी घर तक पहुँचने की बात साफ़ लिखें।

ऊँचाई वाले गाँव — कुमाऊँ और गढ़वाल के भीतरी हिस्से — ट्रेकरों और शांति चाहने वालों को खींचते हैं, पर वहाँ मोबाइल नेटवर्क, सड़क और बर्फ़ की तैयारी सबसे अहम है।

मेहमानों का रिकॉर्ड

नए नियमों में आगंतुकों का रिकॉर्ड रखना और QR कोड वाला पंजीकरण प्रमाणपत्र लगाना शामिल बताया गया है। विदेशी मेहमानों के लिए फ़ॉर्म C अलग से अनिवार्य है।

शुरू करने से पहले की सूची

पहाड़ी खाना और मेज़बानी

उत्तराखंड के होमस्टे का असली आकर्षण घर का खाना और परिवार की मेज़बानी है — मंडुए की रोटी, झंगोरे की खीर, स्थानीय दालें। नियम भी इसी भावना पर टिके हैं। जो मेहमान यही अनुभव ढूँढ़ता है, वह होटल के बजाय आपके घर को चुनता है; लिस्टिंग में इसे ईमानदारी से दिखाइए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

uttarakhand homestay registration online kaise kare?

राज्य के होमस्टे पोर्टल पर या ज़िला पर्यटन विकास अधिकारी के कार्यालय में आवेदन होता है। 2026 के नए नियमों के बाद पंजीकरण पाँच साल के लिए है।

क्या बाहर का व्यक्ति उत्तराखंड में होमस्टे चला सकता है?

होमस्टे श्रेणी अब स्थायी निवासियों के लिए है जो अपने घर में रहते हैं। बाहर रहने वाले मालिक या केयरटेकर से चलने वाले घर B&B योजना में आते हैं।

उत्तराखंड होमस्टे में कितने कमरे हो सकते हैं?

नए नियमों पर रिपोर्टों के अनुसार अधिकतम आठ कमरे और 24 बिस्तर।

क्या होमस्टे के लिए सरकारी सहायता मिलती है?

दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम स्टे) योजना के तहत राज्य सहायता देता है। शर्तें और राशि ज़िला पर्यटन कार्यालय से पता करें।

स्रोत

अपडेट 27/09/2026 — नियम बदलते रहते हैं: हमेशा नवीनतम आधिकारिक पाठ देखें।

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